इसका प्रयोग अधिकतर भोज्य पदार्थों में किया जाता है। इससे विभिन्न प्रकार के पदार्थ, जैसे तेल, पेक्टिन, सिट्रिक अम्ल, रस, स्क्वाश तथा सार (essence) आदि तैयार किए जाते हैं।।
9 वर्षों के निरंतर विकास के बाद जूजूबे न्वोछांग के किसानों द्वारा आमदनी को बढ़ाने का तरीका बना। यहां किसानों की वार्षिक आदमनी में लगभग 80 प्रतिशत जूजूबे से आयी है।